कुपोषण के खिलाफ अभियान शुरू, 1100 महिलाओं और 1200 बच्चों की होगी स्वास्थ्य निगरानी

एनटीपीसी अंता ने सहरिया आदिवासी समुदाय में कुपोषण की समस्या से स्थायी रूप से निपटने के लिए एक साल का स्वास्थ्य और पोषण अभियान शुरू किया है। यह अभियान किशनगंज और शाहबाद ब्लॉक में सहरिया समुदाय की महिलाओं, गर्भवती माताओं और नवजात शिशुओं के लिए शुरू किया गया है। यह पहल सीएसआर के तहत की गई है।
कार्यक्रम के तहत लगभग 1,100 महिलाओं और 1,200 बच्चों के नियमित स्वास्थ्य और पोषण की निगरानी की जाएगी। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं की पोषण स्थिति की लगातार समीक्षा की जाएगी और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार के लिए स्वास्थ्य जांच और आवश्यक परामर्श प्रदान किया जाएगा। इसका उद्देश्य नवजात शिशुओं की निरंतर निगरानी के माध्यम से बाल स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार करना है।

अभियान की शुरूआत अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट एवं सहरिया परियोजना अधिकारी, शाहाबाद के कार्यालय से की गई। इस अवसर पर बारां जिला कलेक्टर रोहिताश सिंह तोमर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। जिला कलेक्टर ने शुरुआत से ही इस परियोजना में गहरी रुचि ली है और इसके प्रभावी कार्यान्वयन के लिए प्रशासनिक स्तर पर मार्गदर्शन प्रदान करते रहते हैं। कार्यक्रम में एनटीपीसी एंड के प्रोजेक्ट हेड अनिल बवेजा विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए।

अतिथियों ने अपने संबोधन में कुपोषण जैसी जटिल सामाजिक समस्या से निपटने के लिए प्रशासन, सार्वजनिक पहल और विशेषज्ञ एजेंसियों के बीच समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। एनटीपीसी ने अंत: इस प्रयास की सराहना की और इसे जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव लाने वाला बताया।

यह स्वास्थ्य और पोषण कार्यक्रम एनटीपीसी अंता द्वारा द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (टीईआरआई) के सहयोग से चलाया जाता है। अपनी तकनीकी विशेषज्ञता और अनुभव के माध्यम से, टेरी कार्यक्रम के प्रभावी कार्यान्वयन में बहुमूल्य सहायता प्रदान करेंगे।

यह स्वास्थ्य और पोषण कार्यक्रम एनटीपीसी अंता द्वारा द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (टीईआरआई) के सहयोग से चलाया जाता है। अपनी तकनीकी विशेषज्ञता और अनुभव के माध्यम से, टेरी कार्यक्रम के प्रभावी कार्यान्वयन में बहुमूल्य सहायता प्रदान करेंगे।
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